भारत-रूस संबंधों की बदलती गतिशीलताः यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में
DOI:
https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i3.19Keywords:
भारत-रूस संबंध, रूस-यूक्रेन युद्ध, रणनीतिक स्वायत्तता, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, विदेश नीति, भू-राजनीति।Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत-रूस संबंधों की बदलती गतिशीलता का राजनीतिक, आर्थिक, सामरिक एवं कूटनीतिक दृष्टिकोण से विश्लेषण किया गया है। अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध के पश्चात भारत-रूस संबंधों में उत्पन्न निरंतरता एवं परिवर्तन का मूल्यांकन करना तथा भारत की रणनीतिक स्वायत्तता, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और राष्ट्रीय हितों पर इसके प्रभावों को स्पष्ट करना है। अध्ययन में भारत-रूस संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी, रक्षा उपकरणों की आपूर्ति, रियायती रूसी कच्चे तेल के आयात तथा पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के प्रभावों का विवेचन किया गया है। इसके अतिरिक्त भारत की संतुलित विदेश नीति, बहुपक्षीय सहयोग तथा शांतिपूर्ण संवाद के प्रति प्रतिबद्धता का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने भारत-रूस संबंधों को समाप्त करने के बजाय उनकी प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन उत्पन्न किए हैं। निष्कर्षतः भारत अपनी ऐतिहासिक साझेदारी को बनाए रखते हुए रक्षा एवं व्यापारिक विविधीकरण, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के माध्यम से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अपने राष्ट्रीय हितों का संरक्षण करने का प्रयास कर रहा है।



