अद्वैत वेदान्त और विशिष्टाद्वैत वेदान्त में मोक्ष की अवधारणा : एक तुलनात्मक दार्शनिक अनुशीलन

Authors

  • प्रभा शंकर द्विवेदी असि०प्रो०, काशी नरेश राजकीय स्ना०महाविद्यालय, ज्ञानपुर , भदोही Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i3.11

Keywords:

मोक्ष, अद्वैत वेदान्त, विशिष्टाद्वैत वेदान्त, शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, ब्रह्मज्ञान, भक्तियोग।

Abstract

भारतीय दर्शन की प्रमुख समस्याओं में मोक्ष की समस्या का केंद्रीय स्थान है। मोक्ष केवल दुःख की निवृत्ति अथवा जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मा, परमसत्ता, ज्ञान, बंधन और मानव जीवन के परम प्रयोजन के संबंध में विकसित एक व्यापक दार्शनिक अवधारणा है। वेदान्त परंपरा में शंकराचार्य का अद्वैत वेदान्त तथा रामानुजाचार्य का विशिष्टाद्वैत वेदान्त मोक्ष की समस्या के दो महत्त्वपूर्ण प्रतिमान प्रस्तुत करते हैं। दोनों आचार्य उपनिषदों, भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र को प्रामाणिक मानते हुए भी जीव और ब्रह्म के संबंध, जगत की वास्तविकता, बंधन के कारण तथा मुक्ति के स्वरूप की भिन्न व्याख्या करते हैं। शंकराचार्य के अनुसार आत्मा और ब्रह्म की मूलभूत अभिन्नता का यथार्थ ज्ञान अविद्या की निवृत्ति करता है; इसके विपरीत रामानुजाचार्य जीव की वास्तविकता और उसकी परमात्मा पर निर्भरता को स्वीकार करते हुए मोक्ष को भगवत्प्राप्ति, ब्रह्मानुभूति तथा परमात्मा की सेवा से संबद्ध करते हैं। प्रस्तुत शोध आलेख का उद्देश्य दोनों अवधारणाओं का तुलनात्मक एवं आलोचनात्मक विश्लेषण करते हुए यह स्पष्ट करना है कि उनके मतभेद केवल साधना-पद्धति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविकता और आत्मस्वरूप की भिन्न दार्शनिक मान्यताओं से उत्पन्न होते हैं। प्राथमिक ग्रंथों तथा प्रमाणित द्वितीयक साहित्य के आधार पर आलेख ज्ञान, भक्ति, जीव की व्यक्तिगत सत्ता, जगत की स्थिति और मोक्ष की अनुभूति का परीक्षण करता है। अंततः यह प्रतिपादित किया गया है कि दोनों वेदान्तीय प्रतिमान मुक्ति की समस्या को अलग-अलग दार्शनिक आधारों पर समझाते हुए मानव जीवन के आध्यात्मिक, नैतिक और अस्तित्वगत प्रश्नों को महत्त्वपूर्ण दिशा प्रदान करते हैं।

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Published

2026-10-19

How to Cite

अद्वैत वेदान्त और विशिष्टाद्वैत वेदान्त में मोक्ष की अवधारणा : एक तुलनात्मक दार्शनिक अनुशीलन. (2026). The Research Dialogue, 5(3), 99-107. https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i3.11