राजस्थान विधानसभा में राजनीतिक अस्थिरता के कारक: दल-बदल, गुटबंदी और सत्ता-संघर्ष का अध्ययन
Vol. 05, Issue 01, pp. 365–376 | Published: 21 July 2026
Author(s) :नितिन कुमार मीना
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i2.38
सारांश:
राजस्थान की राजनीति में समय-समय पर उत्पन्न होने वाली राजनीतिक अस्थिरता ने राज्य की शासन-व्यवस्था, नीति-निर्माण तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित किया है। प्रस्तुत शोध आलेख राजस्थान विधानसभा में राजनीतिक अस्थिरता के प्रमुख कारकों—दल-बदल, गुटबंदी तथा सत्ता-संघर्ष—का विश्लेषण करता है। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि राजनीतिक दलों के भीतर और उनके मध्य उत्पन्न होने वाले शक्ति-संघर्ष किस प्रकार सरकारों की स्थिरता, विधायी कार्यप्रणाली तथा जनप्रतिनिधित्व को प्रभावित करते हैं। शोध में ऐतिहासिक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का उपयोग करते हुए राजस्थान की विभिन्न विधानसभाओं में घटित प्रमुख राजनीतिक घटनाओं, नेतृत्व संघर्षों तथा दलगत पुनर्संरचनाओं का परीक्षण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाएँ, दलों के भीतर नेतृत्व संबंधी मतभेद तथा सत्ता प्राप्ति की प्रतिस्पर्धा राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देने वाले प्रमुख तत्व हैं। निष्कर्षतः, आंतरिक लोकतंत्र की सुदृढ़ता तथा दल-बदल विरोधी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से राजनीतिक स्थिरता को सशक्त किया जा सकता है।
मुख्य शब्द– राजस्थान विधानसभा, राजनीतिक अस्थिरता, दल-बदल, गुटबंदी, सत्ता-संघर्ष, लोकतंत्र, राजनीतिक दल, शासन-व्यवस्था।
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मीना, नितिन कुमार.(2026). राजस्थान विधानसभा में राजनीतिक अस्थिरता के कारक: दल-बदल, गुटबंदी और सत्ता-संघर्ष का अध्यय .The Research Dialogue, 5(2), 365–376., Volume-05, Issue-02, July-2026. DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i2.38
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