बच्चों के समग्र विकास पर ऑनलाइन शिक्षा का प्रभाव: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author: ऋचा गंगवार1, प्रो॰(डॉ.) मनीषा राव2
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i2.14
सार
वर्तमान डिजिटल युग में ऑनलाइन शिक्षा शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग बन चुकी है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षण ने विद्यार्थियों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अध्ययन का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास पर ऑनलाइन शिक्षा के प्रभाव का विश्लेषण करना है। शोध में बच्चों के शैक्षिक, मानसिक, सामाजिक, व्यवहारिक एवं शारीरिक विकास पर ऑनलाइन शिक्षा के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभावों का अध्ययन किया गया है। अध्ययन द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है, जिसके लिए विभिन्न शोध-पत्रों, पुस्तकों, सरकारी रिपोर्टों तथा विश्वसनीय शैक्षणिक स्रोतों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि ऑनलाइन शिक्षा ने सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सुलभ और तकनीक-आधारित बनाया है, लेकिन इसके साथ डिजिटल असमानता, अत्यधिक स्क्रीन समय, सामाजिक संपर्क में कमी तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी सामने आई हैं। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि ऑनलाइन शिक्षा पारंपरिक शिक्षा का विकल्प नहीं, बल्कि उसका पूरक माध्यम है। दोनों के संतुलित उपयोग से ही बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्य शब्द: ऑनलाइन शिक्षा, बाल विकास, डिजिटल शिक्षा, ई-लर्निंग, समग्र विकास, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी।
Cite this Article
ऋचा गंगवार1, प्रो॰(डॉ.) मनीषा राव2,“ बच्चों के समग्र विकास पर ऑनलाइन शिक्षा का प्रभाव: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp.142–147, Volume-05, Issue-02, July-2026, https://theresearchdialogue.com/
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