The Research Dailogue

The Research Dialogue

(A Quarterly Multidisciplinary Peer-reviewed online Journal)

International Open Access, Peer-reviewed & Refereed Journal | ISSN : 2583-438X(Online)

भारतीय संविधान के आदर्शों के प्रति जन-जागरूकता का अध्ययन

Vol. 05, Issue 01, Pp. 482–490 |  Published: 21 July 2026

Author: डॉ0 कुमुद प्रभाकर

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i2.52

सारांश (Abstract)

भारतीय संविधान लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का आधारभूत दस्तावेज है, जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व तथा धर्मनिरपेक्षता जैसे मूल्यों की स्थापना करता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भारतीय संविधान के आदर्शों के प्रति जन-जागरूकता का विभिन्न सामाजिक समूहों – पुरुष एवं महिला, शहरी एवं ग्रामीण, शिक्षक एवं विद्यार्थी तथा शिक्षक एवं सामान्य नागरिकों – के संदर्भ में परीक्षण करना था। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया तथा कुल 400 उत्तरदाताओं का चयन सामान्य यादृच्छिक न्यादर्शन प्रविधि द्वारा किया गया। आँकड़ों के संकलन हेतु शोधकर्ता द्वारा निर्मित 40 बहुविकल्पीय प्रश्नों वाली स्वनिर्मित प्रश्नावली का उपयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण मध्यमान, मानक विचलन तथा टी -परीक्षण के माध्यम से किया गया। अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि पुरुष एवं महिला उत्तरदाताओं के मध्य संवैधानिक आदर्शों के प्रति जागरूकता में कोई सार्थक अंतर नहीं है, जबकि शहरी एवं ग्रामीण, शिक्षक एवं विद्यार्थी तथा शिक्षक एवं सामान्य नागरिक समूहों के मध्य जागरूकता में सांख्यिकीय रूप से सार्थक अंतर पाया गया। शहरी, शिक्षक तथा अधिक शिक्षित वर्गों में संवैधानिक जागरूकता का स्तर अपेक्षाकृत अधिक पाया गया। अध्ययन यह संकेत करता है कि संवैधानिक साक्षरता लोकतांत्रिक सहभागिता, नागरिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अतः संविधान संबंधी शिक्षा एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तथा सामान्य नागरिकों तक व्यापक रूप से पहुँचाया जाना आवश्यक है।

कुंजी शब्द : भारतीय संविधान, संवैधानिक जागरूकता, संवैधानिक साक्षरता, लोकतांत्रिक मूल्य, नागरिक उत्तरदायित्व आदि।

Cite this Article

प्रभाकर, डॉ. कुमुद. (2026). भारतीय संविधान के आदर्शों के प्रति जन-जागरूकता का अध्ययन.The Research Dialogue, 5(2), 480–490, Volume-05, Issue-02, July-2026. DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i2.52

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