The Research Dailogue

राष्ट्रीय शिक्षा निति 2020 में आनंदायक अधिगम और खेल आधारित अधिगम की प्रासंगिकता

Vol. 05, Issue 01, pp. 257–260 |  Published: 15 April 2026

Author : शेखर सुमन

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.31

सारांश

           आनंददायक अधिगम या खेल आधारित अधिगम एक ऐसा शिक्षण दृष्टिकोण है, जिसमें बच्चों को खेल, गतिविधियों, कहानी, चित्रकला, संगीत और अन्य रचनात्मक तरीकों से सीखने का अवसर दिया जाता है। इसका उ‌द्देश्य शिक्षा को बोझ नहीं, बल्कि एक आनंददायक अनुभव बनाना है। आनंदमय अधिगम (Joyful Learning) यह एक शिक्षण दृष्टिकोण है जिसमें बच्चे बिना तनाव या दबाव के, रुचिकर और आनंददायक गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं। इसमें कहानी, संगीत, नृत्य, कला, और खेल जैसे तत्व शामिल हो सकते हैं, जो बच्चों की जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ाते हैं। यह बच्चों को खेल के माध्यम से सीखने का अवसर देता है। खेल में संरचित (Structured Play) और असंरचित (Unstructured Play) दोनों प्रकार शामिल हो सकते हैं. जैसे पहेलियाँ, रोल-प्ले, ब्लॉक निर्माण, या आउटडोर गेम्स। यह बच्चों को स्वाभाविक रूप से अन्वेषण और प्रयोग करने की स्वतंत्रता देता है

मुख्य शब्द: आनंददायक अधिगम, खेल आधारित अधिगम, संरचित, असंरचित ।

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शेखर सुमन, राष्ट्रीय शिक्षा निति 2020 में आनंदायक अधिगम और खेल आधारित अधिगम की प्रासंगिकता The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp-257–260, Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/

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