The Research Dailogue

एनईपी 2020 के आलोक में उच्च शिक्षा का योग्यता-आधारित रूपांतरण: योगात्मक से रचनात्मक मूल्यांकन की ओर एक वैचारिक बदलाव

Vol. 04, Issue 03, pp. 214–217 |  Published: 10 October 2025

Author(s): डॉ. मोहम्मद वकार रज़ा और राशिदी रुकैया

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v4i3.26

सारांश (Abstract)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भारतीय उच्च शिक्षा के इतिहास में एक बुनियादी बदलाव (Paradigm Shift) का प्रतिनिधित्व करती है। यह नीति पारंपरिक ‘स्मृति-आधारित’ योगात्मक मूल्यांकन (Summative Assessment) से हटकर एक ‘योग्यता-आधारित’ रचनात्मक मूल्यांकन (Formative Assessment) ढांचे की वकालत करती है। यह शोध पत्र इस रूपांतरण के दार्शनिक और व्यावहारिक पहलुओं का गहन विश्लेषण करता है। पत्र यह तर्क देता है कि योग्यता-आधारित शिक्षा (CBE) न केवल छात्र की रोजगार क्षमता में सुधार करती है, बल्कि यह आलोचनात्मक चिंतन और समस्या-समाधान जैसे 21वीं सदी के कौशलों को भी पोषित करती है। आधिकारिक नीति दस्तावेजों और समकालीन विद्वानों के साहित्य की समीक्षा के माध्यम से, यह लेख मूल्यांकन सुधारों, संकाय की भूमिका और संस्थागत स्वायत्तता के अंतर्संबंधों को स्पष्ट करता है। अंत में, यह लेख कार्यान्वयन की चुनौतियों जैसे कि डिजिटल विभाजन और संकाय प्रतिरोध को संबोधित करते हुए समाधान प्रस्तावित करता है।

Cite this Article:

डॉ. मोहम्मद वकार रज़ा और राशिदी रुकैया , एनईपी 2020 के आलोक में उच्च शिक्षा का योग्यता-आधारित रूपांतरण: योगात्मक से रचनात्मक मूल्यांकन की ओर एक वैचारिक बदलावThe Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, pp.214–217.

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