भाषा प्रवीणता एंव बोधात्मक पठन की रणनीतियों के मध्य सम्बंध: विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों का विस्तृत अध्ययन
Author(s) :आकांक्षा सिंह, डाॅ0 राजेंद्र बहादुर सिंह
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.22
सारांश:
वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में भाषा प्रवीणता को विद्यार्थियों की शैक्षिक सफलता का प्रमुख आधार माना जाता है। विशेषकर अंग्रेजी भाषा में प्रवीणता या दक्षता का विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के समग्र विकास पर तथा उच्च शिक्षा एंव भविष्य के व्यवसायिक अवसरों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। बोधात्मक पठन की रणनीतियाँ विद्यार्थियों की पठन प्रक्रिया को सचेत रूप से नियंत्रित करने, बोध विकसित करने और आत्म – नियमन के माध्यम से बेहतर सीखने में सहायक होती है।
इस गुणात्मक अध्ययन का उद्वेश्य विद्यालय स्तर के कक्षा-9 एंव कक्षा-10 के विद्यार्थियों में भाषा प्रवीणता एंव बोधात्मक पठन की रणनीतियों के मध्य सम्बन्ध को गहराई से समझना है और यह जानना है कि किस तरह ये दोनो घटक उनकी अध्ययन प्रक्रिया को प्रभावित करते है। इसके लिये इस शोध में कानपुर नगर के ओम सरस्वती विद्या मन्दिर विद्यालय के कक्षा-9 एंव कक्षा-10 के कुल 30 विद्यार्थियों का चयन गैर संभाव्यता नमूना चयन विधि के अन्र्तगत उद्वेश्यपूर्ण नमूना पद्धति के द्वारा किया गया। जिसके के लिये अर्ध – संरचित साक्षात्कार, कक्षा – अवलोकन एंव विद्यार्थियों की आत्म – चिंतनात्मक डायरियों के माध्यम से आंकड़े एकत्र किये गये। इस शोध में दो अंग्रेजी भाषा शिक्षकां को भी शामिल किया गया।
इस शोध में थीम आधारित विश्लेषण से यह पाया गया कि उच्च भाषा प्रवीणता वाले विद्यार्थी प्रायः विविध बोधात्मक पठन रणनीतियों जैसे – पाठ का पूर्वानुमान, आत्म – प्रश्न निर्माण, पठन के दौरान स्व-निगरानी तथा पुनरावलोकन का अधिक और प्रभावी उपयोग करते है। लेकिन इसके विपरीत निम्न प्रवीणता वाले विद्यार्थी प्रायः सतही पठन पर निर्भर रहते हैं और बोधात्मक नियंत्रण की क्षमता का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम प्रदर्शित करते हैं।
इस शोध से यह स्पष्ट होता है कि विद्यालय स्तर पर भाषा प्रवीणता और बोधात्मक पठन की रणनीतियों में गहरा सम्बन्ध है। इस अध्ययन के निष्कर्ष शिक्षकों, पाठयक्रम निर्माताओं एंव नीति-निर्माताओं को यह सकेंत देते है कि विद्यार्थियों मे भाषा प्रवीणता के साथ-साथ बोधात्मक पठन की रणनीतियों का भी सुनियोजित प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।
मुख्य शब्द:
भाषा प्रवीणता, बोधात्मक पठन,पठन रणनीतियाँ, विद्यालय स्तर, भाषा अधिगम,अध्ययन कौशल
Cite this Article:
आकांक्षा सिंह1, डाॅ0 राजेंद्र बहादुर सिंह,“ भाषा प्रवीणता एंव बोधात्मक पठन की रणनीतियों के मध्य सम्बंध: विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों का विस्तृत अध्यय” The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp-176–183,Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/
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