The Research Dailogue

उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: गुणवत्ता एवं समानता हेतु अवसर, चुनौतियाँ और बहुविषयी नवाचार

Vol. 04, Issue 04, pp. 185–191 |  Published: 22 January 2026

Author(s): अंजुल और डॉ वंदना कौशिक

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v4i4.22

सार(Abstract)
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने शिक्षा के प्रत्येक स्तर को प्रभावित किया है, विशेषतः उच्च शिक्षा को। यह तकनीक शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ व्यक्तिगत, लचीला, समावेशी और डेटा-आधारित बना रही है। उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई के माध्यम से स्मार्ट कक्षाएँ, अनुकूलित शिक्षण प्रणाली, आभासी सहायक, स्वचालित मूल्यांकन, शोध विश्लेषण और प्रशासनिक दक्षता में सुधार संभव हुआ है। भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से बहुविषयी शिक्षा, प्रौद्योगिकी एकीकरण और गुणवत्ता-समानता पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस नीति के आलोक में एआई आधारित नवाचार उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने प्रौद्योगिकीयुक्त, बहुविषयी एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। देखा जाये तो एआई न केवल गुणवत्ता उन्नयन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एवं भौगोलिक असमानताओं को कम करने का माध्यम भी बन सकता है।
यह शोध-पत्र उच्च शिक्षा में एआई के अवसरों, चुनौतियों तथा बहुविषयी नवाचारों का विश्लेषण करता है साथ ही गुणवत्ता और शैक्षिक समानता सुनिश्चित करने हेतु रणनीतियाँ भी प्रस्तुत करता है।
मुख्य शब्द – कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उच्च शिक्षा, गुणवत्ता, समानता, बहुविषयी शिक्षा, डिजिटल नवाचार

Cite this Article:

अंजुल और डॉ वंदना कौशिक,“ उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: गुणवत्ता एवं समानता हेतु अवसर, चुनौतियाँ और बहुविषयी नवाचार” The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp.185–191

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