भारतीय उच्च शिक्षा में शिक्षण पद्धतियों का कायाकल्प: एनईपी 2020 की सिफारिशों का एक विवरणात्मक अन्वेषण
Author(s):डॉ. मोहम्मद वकार रज़ा1 एवं रशीदी रुकैया2
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v4i4.15
सारांश
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 पारंपरिक विषयगत अलगाव (disciplinary silos) को समाप्त करने और समग्र, लचीले एवं नवाचारी सीखने को बढ़ावा देने के लिए ‘बहु-विषयक शिक्षा’ को प्राथमिकता देकर भारतीय उच्च शिक्षा के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह विवरणात्मक अन्वेषण बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए NEP 2020 में उल्लिखित प्रमुख कार्यान्वयन रणनीतियों का परीक्षण करता है, जिसमें संस्थानों का बड़े बहु-विषयक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पुनर्गठन, कला, विज्ञान, मानविकी और व्यावसायिक धाराओं के एकीकरण के साथ लचीला पाठ्यक्रम डिजाइन, ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स’ (ABC) की स्थापना, अंतःविषय अनुसंधान समूहों को प्रोत्साहन, और क्रेडिट हस्तांतरण एवं बहु-प्रवेश-निकास (multiple entry-exit) विकल्पों के तंत्र शामिल हैं। आधिकारिक नीति दस्तावेज और विद्वानों के विश्लेषणों के आधार पर, यह पत्र वर्णन करता है कि कैसे ये रणनीतियाँ छात्र की पसंद को बढ़ाने, विषयों के रचनात्मक संयोजनों को प्रोत्साहित करने, समग्र विकास का समर्थन करने और संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से आकार देने का लक्ष्य रखती हैं। यह नवाचार, समानता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के निहितार्थों की भी खोज करता है, जबकि बुनियादी ढांचे की सीमाओं, संकाय की तैयारी, नियामक बाधाओं और परिवर्तन के प्रति सांस्कृतिक प्रतिरोध जैसी संभावित चुनौतियों को संबोधित करता है।
कीवर्ड: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, बहु-विषयक शिक्षा, उच्च शिक्षा संस्थान, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स, संस्थागत पुनर्गठन, भारत।
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डॉ. मोहम्मद वकार रज़ा1 एवं रशीदी रुकैया2,“ भारतीय उच्च शिक्षा में शिक्षण पद्धतियों का कायाकल्प: एनईपी 2020 की सिफारिशों का एक विवरणात्मक अन्वेषण” The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp.114–119
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