The Research Dailogue

अनुसूचित जाति की महिलाओं में उद्यमिता के प्रतिमान

(जनपद अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड पर आधारित समाजशास्त्रीय अध्ययन)

Vol. 05, Issue 01, pp. 44–49 |  Published: 11 April 2026

Author(s):मनमोहन1 एवं  डॉ. देवमणि2

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.07

सारांश:

प्रस्तुत शोधपत्र जनपद अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड में निवासरत अनुसूचित जाति की महिलाओं में उद्यमिता के उभरते प्रतिमानों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत में अनुसूचित जाति की ग्रामीण महिलाएँ जाति, लिंग और वर्ग के त्रिस्तरीय भेदभाव का सामना करती हैं जो उनकी उद्यमशीलता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इस शोध में मिल्कीपुर विकासखंड के संदर्भ में यह जाँचने का प्रयास किया गया है कि स्वयं सहायता समूहों, सरकारी योजनाओं और सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से इन महिलाओं में उद्यमिता की क्या स्थिति है? कौन-से सामाजिक-आर्थिक कारक इसे प्रभावित करते हैं? और कौन-सी बाधाएँ प्रमुख हैं? अध्ययन में पाया गया कि स्वयं सहायता समूहों ने इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन हुआ है किन्तु जातिगत भेदभाव, पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना, वित्तीय अभिगम्यता की कमी और बाज़ार संपर्क का अभाव अभी भी प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

मुख्य शब्द: अनुसूचित जाति, महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह, मिल्कीपुर, अयोध्या, सामाजिक सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास ।

Cite this Article: 

Rahul, The Changing Face of Caste in India: Reform, Struggle and the Politics of Power an Analytical StudyThe Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp.44–49,Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/

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