The Research Dailogue

भारत में पैरोल व्यवस्था से सम्बन्धित कानून

Vol. 05, Issue 01, pp. 630–634 |  Published: 15 April 2026
Author: डाॅ.प्रियंका सामंत

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.63

सारांश
प्रस्तुत शोध-पत्र भारत में ‘पैरोल’ (पैरोल व्यवस्था) से संबंधित कानूनों और इसकी कार्यप्रणाली का विस्तृत विश्लेषण करता है। कारागारों में कैदियों की भीड़ को कम करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से पुनरू जोड़ने के लिए पैरोल एक महत्वपूर्ण उपचारात्मक साधन है, जो मानवाधिकारों के संरक्षण में सहायक है। यह शोध पैरोल के ऐतिहासिक विकास, अर्थ, परिभाषा, इसके लिए गठित पैरोल बोर्ड की भूमिका, तथा कैदियों पर लागू होने वाली विभिन्न शर्तों की विवेचना करता है। साथ ही, यह लेख उच्चतम और उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों के माध्यम से पैरोल से संबंधित कानूनी जटिलताओं को स्पष्ट करता है। अंत में, शोध-पत्र पैरोल के दुरुपयोग, विशेषकर गंभीर अपराधियों को बार-बार पैरोल मिलने से उत्पन्न विवादों और चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, इस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता पर बल देता है।

Cite this Article

डा.प्रियंका सामंत, “भारत में पैरोल व्यवस्था से सम्बन्धित कानूनThe Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp-630–634, Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/

License

Copyright (c) 2025 shiksha samvad
Creative Commons License This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.