The Research Dailogue

धर्मान्तरण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

Vol. 05, Issue 01, pp. 564–569|  Published: 15 April 2026
Author: डाॅ0 मनोरंजन कुमार भारती

DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.56

सार:
धर्मान्तरण की घटनाएं मानव सभ्यता जितनी ही पुरानी है। मेसोपोटामिया और मिश्र जैसी प्राचीन सभ्यताओं में भी धर्मान्तरण के उदाहरण मिलते हैं। इन प्राचीन समाजों में लोग विजय, व्यापार और आध्यात्मिक खोज के कारण अपने धार्मिक विश्वासों को परिवर्तित करते थे। ईसाई धर्म, इस्लाम आदि जैसे कुछ धर्म प्रचारकों के मिशनरी कार्यो के कारण धर्मान्तरण में वृद्धि हुई। आज विश्व के पांच प्रमुख धर्म, सनातन धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम धर्म, बौद्ध धर्म और यहूदी धर्म हैं। ईसा पूर्व की प्रारंभिक शताब्दियों में, प्रेरित पौलूम जैसे मिशनरियों के प्रयासों से ईसाई धर्म रोमन साम्राज्य और उसके बाहर तेजी से फैला। पैगंबर मोहम्मद की मृत्यु के बाद 7वीं शताब्दी में इस्लाम का विस्तार अरब, प्रायद्वीप, उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में तेजी से हुआ। मध्य कालीन और प्रारंभिक आधुनिक काल में, विजय, उपनिवेशीकरण और मिशनरी गतिविध्यिों के द्वारा धर्मान्तरण के माध्यम से धर्म परिवर्तन जारी रहा। यूरोपीय खोजकर्ताओं, व्यापारियों और मिशनरियों ने अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और ओशिनिया में ईसाई धर्म के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान समय में भी अंतरधार्मिक सम्पर्क, आध्यात्मिकता की खोज और धर्मान्तरण के आधुनिक तरीकों के कारण धर्मान्तरण होते रहते हैं।
शब्द कोश: धर्मान्तरण, आध्यात्मिकता, सार्वभौमिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सम्प्रदाय, अलौकिक, धर्मानुयायियों, प्रागैतिहासिक ़ऋग्वेद, पंथनिरपेक्ष संस्कृति।

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डा0 मनोरंजन कुमार भारती, धर्मान्तरण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघThe Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp-564–569, Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/

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