उच्च शिक्षा में भाषा एक बाधा: द्विभाषी पाठ्यक्रमों में हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए चुनौतियाँ
Author :कोमल खंडेलवाल
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.28
सार (Abstract)
भारत में अंग्रेज़ी भाषा का प्रभुत्व औपनिवेशिक इतिहास से जुड़ा हुआ है। भारत में केवल अंग्रेज़ी और हिंदी ही आधिकारिक भाषाएँ नहीं हैं, लेकिन दोनों का विशेष महत्व है। इस अध्ययन का उद्देश्य द्विभाषी पाठ्यक्रमों में हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों द्वारा सामना की जाने वाली बाधाओं का पता लगाना है। शोध की प्रकृति के अनुसार वर्णनात्मक शोध पद्धति के साथ गुणात्मक दृष्टिकोण अपनाया गया। डेटा अर्ध-संरचित साक्षात्कारों के माध्यम से एकत्रित किया गया तथा अध्ययन में 30 बी.एल.एड. (B.El.Ed.) पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को शामिल किया गया। अध्ययन के निष्कर्षों से यह पता चला कि हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को द्विभाषी पाठ्यक्रमों में अनेक प्रकार की भाषा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
मुख्य शब्द (Keywords): द्विभाषी पाठ्यक्रम, भाषा बाधाएँ, वर्चस्व
Cite this Article:
कोमल खंडेलवाल, “उच्च शिक्षा में भाषा एक बाधा: द्विभाषी पाठ्यक्रमों में हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए चुनौतियाँ” The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp-243–251, Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/
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