बलरामपुर जनपद(उ0प्र0)में सिंचाई के साधन,सिंचित क्षेत्र एवं सिंचाई गहनता का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author(s) : डॉ0 भूपेश कुमार मिश्र1, 2डॉ0 श्रवण कुमार शुक्ल2
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i2.34
शोध सारांश:
उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित बलरामपुर जनपद एक जलोढ़ मैदानी भाग है यहां मुख्यतः कृषि ही अर्थव्यवस्था के विकास की धुरी है, वर्षा की अनिश्चितता के कारण कृषि विकास कुशल जलप्रबन्धन से जुड़ा है। परम्परागत कृषि और पिछड़ी अवस्था यहां की पहचान है जिसका प्रमुख कारण सिंचाई के विभिन्न कृत्रिम साधनों जैसे-नहर,नलकूप, तालाब, और कुँआं आदि का असमान वितरण तथा इनके उचित प्रबन्धन का न होना है। वर्तमान में जनपद में सिंचाई के साधनों, विशेषकर निजी नलकूपों पर बढ़ती निर्भरता से एक ओर भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन का खतरा पैदा हो गया है वहीं दूसरी ओर नहर प्रणालियों के अन्तिम छोर तक पानी पहुँचने और विभिन्न विकासखण्डों के बीच सिंचाई सुविधाओं में भारी अनियमितता देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति में, जनपद के शुद्ध एवं सकल सिंचित क्षेत्र तथा सिंचाई गहनता का यह विश्लेषणात्मक अध्ययन अत्यन्त आवश्यक है। यह शोध न केवल गिरते भूजल स्तर और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति सचेत करता है बल्कि जिला प्रशासन, कृषि वैज्ञानिकों और नीति निर्धारकों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। इसकी मदद से कम सिंचाई गहनता वाले क्षेत्रों में लक्षित जल योजनाओं को लागू करके, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर और आधुनिक सिंचाई तकनीकों यथा ड्रिप व स्प्रिंकलर आदि को अपनाकर स्थानीय किसानों की आय व उत्पादकता में सतत वृद्धि की जा सकती है।
मूल शब्द: नहर, राजकीय नलकूप, निजी नलकूप, सिंचाई गहनता, शस्य वैविध्य
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मिश्र, डॉ. भूपेश कुमार., शुक्ल, डॉ. श्रवण कुमार. (2026). बलरामपुर जनपद(उ0प्र0)में सिंचाई के साधन,सिंचित क्षेत्र एवं सिंचाई गहनता का विश्लेषणात्मक अध्ययन. The Research Dialogue, 5(2), 335–341., Volume-05, Issue-02, July-2026.
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