शिक्षक शिक्षा के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा रू चुनौतियों और संभावनाओं का वृहद् वैचारिक विश्लेषण
Author(s) : प्रियंका शुक्ला, डॉ विकास सिंह
DOI: https://doi.org/10.64880/theresearchdialogue.v5i1.32
सारांश
यह शोध-पत्र डिजिटल युग में शिक्षक शिक्षा के बदलते स्वरूप का एक व्यापक दस्तावेज है। तकनीकी प्रगति, विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता , ने पारंपरिक शैक्षणिक ढांचे को पूरी तरह से पुनर्गठित कर दिया है। जहाँ एक ओर ।वैयक्तिकृत अधिगम (च्मतेवदंसप्रमक स्मंतदपदह), प्रशासनिक स्वचालन और डेटा-संचालित शिक्षण विधियों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार की संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, वहीं दूसरी ओर यह साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और डिजिटल नैतिकता जैसे गंभीर संकटों को भी जन्म देता है। यह अध्ययन विशेष रूप से शिक्षक-प्रशिक्षुओं (ज्मंबीमत-ज्तंपदममे) के लिए तकनीकी साक्षरता के साथ-साथ साइबर-सुरक्षा जागरूकता के एकीकरण पर बल देता है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि कैसे भविष्य के शिक्षक इन तकनीकों का सुरक्षित और नैतिक उपयोग सुनिश्चित कर सकते हैं।
मुख्य शब्दरू कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, शिक्षक शिक्षा, डिजिटल नैतिकता, एआई साक्षरता, डेटा संप्रभुता, वैयक्तिकृत अधिगम, डीपफेक, रैनसमवेयर।
Cite this Article:
प्रियंका शुक्ल, डॉ विकास सिंह, “शिक्षक शिक्षा के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा रू चुनौतियों और संभावनाओं का वृहद् वैचारिक विश्लेषण” The Research Dialogue, Open Access Peer-reviewed & Refereed Journal, Pp-260–267, Volume-05, Issue-01, April-2026, https://theresearchdialogue.com/
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