“समकालीन सामाजिक परिप्रेक्ष्य में सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता ‘कुकुरमुत्ता’ की प्रासंगिकता : एक आलोचनात्मक अध्ययन” (2026) The Research Dialogue, 5(3), pp. 227–233. doi:10.64880/theresearchdialogue.v5i3.25.